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Tuesday, 1 December 2015

लता दीदी याने लता मंगेशकर ( Motivational stories )



२८  सप्टेम्बर  १९२९  इंदौर  में मास्टर  दीनानाथ  मंगेशकर  को पुत्री  का लाभ  हुआ , साल के १३ में ही उनके  पिताजी  की निधन  हुयी  ! उनके जाने के बाद  घर  की सारी  जिमेदारी  लता  दीदी  पर आ  गिरी ,
शुरआती  युग  में  लता  दीदी  ने  चित्रपटोंसे  छोटे -छोटे  भूमिका  करने  शुरू की , आगे  जाकर  उन्होंने  संगीत  को अपना  या
साल  के चौथे  उम्र  से अपने  पिताजी  से  संगीतो की शिक्षा  लेने  वाली  लता  दीदी  की जीवन  बढ़ी कठिन  थी !
१९४९  साल  के २० में लता दीदी को कामयाबी  मिल ने  शुरू  हुयी  ,भारत रत्न  , गणकोकिला , दादासाहेब  फालके  , ऐसे कही  पुरस्कार रो से सन्मानित  होते - होते  लता  दीदी  ने  हजारो  गाने गाये

आज  लता  दीदी  ने  साल  के ८५   पार   कर  ली  फिर  भी चित्रपटों  में  उनके  गाने  आज  भी गाये  जाते हे
 जिस  तरह  कोई  नयी गायिका  अपने  संगीत  से लोगो  का  दिल  जीत  लेती हे !  उसी  तरह  लता  दीदी  साल  के ८५ के बाद  भी लोगो के  दिल  पर राज  करती हे
संगीत  के क्षेत्र में  उत्कृस्ट  संगीत  कर के कामयभी  की शिखरों  पर  चलने  के लिए लता दीदी  ने शादी  तक नहीं  की

ऐसे  हमारे  लता  दीदी  ने अपने  जीवन  के  हर  कठिनायनी  पर  काबू  करते -करते  जीवन  के  उन मुकाम  तक  चल गए  जहा  सिर्फ़े  सितारे  ही दिखाई  देते  हे !


दोस्तों  इस  से  हमें  ये सिख  मिलती  हे  की सबके  जीवन  में  बुरे  वक्त  आते  हे ! पर  हम  कोशिश  करे  तो वो वक्त भी निकल  जायेगा  पर हम  कोशिश  करे तो

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Wednesday, 4 November 2015

लाफिंग बुद्ध की कहानी जरूर पढ़े

दोस्तों तुम्हे लाफिंग  बुद्ध  तो मालूम  ही होंगे  जिन्हे  हम लकी  ऑफ़ स्टैचू  या   हैपीनेस  के  प्रतिक  से  जानते  हे  तो चलो  जानते  हे  की  इनकी  मूर्ति  हसमुख  ही क्यू  बनायीं  जाती हे !!


 तीन   संत  बुद्ध  होते  हे  ..वो  हिमालया  पर  जाकर  कड़ी  तपश्या  करते  हे और एक  दिन  उन्हें  दैवी  ताकद  प्राप्त  होती हे ! तब  वो  लोगो  को   सुख  दुःख  में  हमेशा  खुश  रखनेका  वरदान  मांगते  हे 

वो हर  गावो  में  घुमते  हे  और  उनके  संपर्क  में  जो भी  लोग आते  हे  उन्हें हमेशा  खुश और   हसने  की  जानकारी  देते  हे !! हसना  एक कला  हे  हमेशा  खुश  रहना  एक  चुनावती  हे  इस  तरह  के  प्रचार  करते  रहते  थे 
 पूरा  जीवन  वो  लोगो  की  हसने  का महत्व  बताते  चले !  

एक  दिन  इन  तीनो  में  से  एक संत  की  निधन  होती  हे , फिर बाकि   दो  संत  अपने  दोस्त  के  पार्थिव  देह  के  सामने  बैठे  होते  हे पर  वो रोते  नहीं  थे  उलट जोर  - जोर से   हसने  लगते  हे ,, वह  मौजूद  लोगो  को  नाच  के  दिखाते  हे 

 उसवक्त   मौजूद  लोग  उन्हें  ग़ुस्से  से  केहते  हे  की  " अरे  ये  तुम्हारा  जिगरा  दोस्त  जो इस  वक्त  हमारे  दुनिया  से  कायम  का  चला  गया  हे  और  तुम  लोग  बेशरम  लोगो  की  तरह  नाच  रहे  हो ! पूरा  जीवन  तुमने  लोगो  को  हसने  का मार्ग  दिखाया  ! पर  इस  दुःख  घडी पर  तो असू  बाहो 

उसपर  एक  संत  ने  कहा  की " हमारे  दोस्त  ने  जीवन  भर  हसने  का  मार्ग  लोगो  को  बताया  , ये  संदेश  लोगो  तक पोह्चाने  के  लिए  हम  और हमारे  दोस्त  ने  पूरा  जीवन  त्याग  किया  !!!  हमारी  दुनिया  छोड़  कर  गए  हुए  हमारे  दोस्त  की  ये  आखरी   ईष्या  थी  की  " मृत्यु   के बाद  इसी  तरह  से  हसने  का  सन्देश  लोगो  तक  पोहचना  चाहिए  ! इसीलिए  हम  हमारे  प्यारे  दोस्त  के  मृत्यु  के बाद  भी हस  रहे  हे ,

 मेहरबानी  कर  के  तुम  भी  मत  रोये  उस  से  हमारे  दोस्त  के  आत्माको  भी शांत  नहीं  मिलेगी 


फिर  मौजूद  लोगो  ने  छोड़  कर  गए  हुए  संत  के  मृत्युदेह  को  अग्नि  दी , उसवक्त  अग्नि  से   फटाके  के  अलग  -अलग  तरह  के  आवाज़  आने  लगे !! मरते  वक्त  उस  संत  ने  अपने  शरीर  को फटाके  बांध  लिए  थे ! अपने   अंतिम  विधि  के वक्त  फटाके  की  आतिशबाजी  होए जिस  से लोगोके  चेहरे  पर  हसी   आये  

ये  प्यारा  सपना  देख  कर  उस  संत  ने अपनी  दुनिया  त्याग  दी , इस  कारन  से  दुनिया भर लाफिंग  बुद्ध  को  इस  नाम  से  जाना  जाता  हे  


तो दोस्तों  हमारे  जीवन  में  सुख  और  दुःख  आते  ही रहते  हे और  उसे  चुनौती  समज़कर  हमें  सिर्फ़े  चलना  चाहिए   ,  हसना  हमारी  प्राकृति  हे  सिर्फ़े  आदमी  ही  एक  ऐसा  प्राणी  हे  जो  हस  सकता  हे  और  हसने  से  हम ५ साल  छोटे लगते  हे  :) तो दोस्तों   हमेशा  हस्ते  रहो  और दुसरो  को  हसाते  रहो :)



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Tuesday, 23 June 2015

life motivation shayari by Admin !!!!!!!


  0) गम ना  कर जिंदगी बहोत बड़ी हे चाहत की मेहफिल तेरे लिए सजी हे ! बस एकबार मुस्कुराकर तो देख तकदीर खुद तुज़से मिलने बाहर खड़ी  हे



१) परेशानियोसे  भागना  आसान  होता हे हर मुस्किल  जिंदगी  में  एम्पतिहान  होता हे ! हिम्मत  हारने  वाले  को कुछ नहीं मिलता हे और  मुस्किलोंसे  लड़ने वालो के कदमो में ही जीत  होती हे 


२) खोकर पाने का मज़ा ही कुछ और हे ! रोकर  मुस्कुराने  का मज़ा  ही          कुछ  और हे < हार तो जिन्दगी का 
   हिस्सा  हे मेरे दोस्त  , हारने  के बाद  जितने का मज़ा ही कुछ और है


३) छोटी सी हे जिंदगी हस  के जियो , भुला के सारे  गम सर उठाके              जियो , उदासी में क्या रखा हे ! मुस्कुराके  जियो , अपने लिए ना सही ,       अपनों के लिए जियो > 



 ४)दुनिया ने छोड़ा , तुमने  ठुकराया  ,तो क्या हुआ मेने  फिर से शुरवात        की और वहा  चला गया जहा दुनिया और तुमने आना सिर्फ आना  ही        रेह  गया 

 ५) ये फेसबूक  और व्हाटसप  तुम्हारे कामयाबी  के चरचे  सुनकर  मेने         हार  नहीं  मानी  ,बल्कि तुम्हे ही दरिया बनाकर सफर  सुरु की हे 

 ६) दुनिया  गोल हे  घूमते रेह  जाओगे ,दिमाग  को घुमाओ  जहा जाना हे        वहा  पोह्च  जाओगे 


 ७) पेसो  का   पीछा  हम  युही करते हे  बल्कि  कामयाबी तो मेहनत ही            देती हे

 ८)जिंदगी  जीने के लिए बनी  हे ! बिताने  के लिए नहीं 

 ९)युही  इंतजार करते रहे तुम्हारा  ,वक्त  बर्बाद  करते रहे हमारा  ,,अगर       सोचा हो तो  कुछ तो आज  मिल जाता बहोत कुछ !!

 १०) दुनिया  में दोस्ती करने से वक्त  काम हे ! हम दुश्मनी  कर बेठ थे  हे 

११)आदमी  भला आमिर हो या गरीब हो उसे चलना  जमीन  पर ही 

१२)इंतजार  का फल  मीठा  होता हे ये सुनकर हम इंतजार ही करते बैठे ,,

१३)हार +हार  +हार  +हार = जीत  

१४) तुम्हे पाते  -पाते  हम तो शराबी  बन गए  शराब  ने पलट कर बोला           की तुम्हारी हाल  देखकर  हमारे  आंखोमे  भी आंसू  आने लगा 

१५)बहोत  देखे सपने तुम्हे पाने की  फिर पता चला  की  सपने सिर्फ                सपनें  ही होते हे 

१६)में करूँगा + में करूँगा +में करूँगा = हो गया  

१७)दिल  और दिमाग के बीच में हमेशा  दिमाग  की सुनो  दिल  अपने 
         आप  पीछे चला आएगा 


१८)जाते वक्त उसने मुजसे अजीब सी बात कही " तुम जिंदगी हो 

       मेरी, और मुझे मेरी जिंदगी से नफरत है




१९) बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को 

      क्युकि इश्क हार नहीं मानता और  दिल बात नहीं मानता



Thank You 









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Saturday, 13 June 2015

बॉलिवूड के हीरो कैसे बने ज़ीरो से हीरो






फ़िल्मी  दुनिया  के  ऐसे  कई  सितारे  हे  जिन्होंने  अपना  सफर  गरीबी  से  आमिर तक  किया  हे   इनमे से  कुछ  खास  लोग  :)









 फिल्म   इंड्रस्ट्री  में  पेर  रख  थे  ही  " जॉन  राव जनुमला "  उन्होंने  अपना  नाम  "जॉनी  लिव्हर  " ऐसे  रख  दिया , क्यू  की  वो हिंदुस्तान  लिव्हर  में  एक  कामगार  था , एशिया  खंड  से  सबसे  बड़ी  ज़ोपड़पट्टी  धारावी  में  रहनेवाला  जॉनी  आज  आलीशान  महलो में    रेह  रहा  हे  ,, अपने  गरीबी  पर  रोते  बेठने  से  लोगो  को  हँसाने  का  काम  उन्होंने  लिया   उन्होंने  अपने  आवाज  पर नियंत्रण  प् लिया  ही उसके साथ 

 उन्होंने  इण्डिया  के  १०   भाषा पर  प्रभुत्व  प्राप्त  कर ली ,,, लोगो 

 को 


 हँसाने  की  उन्होंने  ठाम  ही ली  हे ,, और  इसी  तरह  लोगोका  प्यार 

 और उनकी मेहनत  से  आमिर  बनते  चले  गए ::









 १९६९  में  " सात  हिंदुस्तानी "  इस  फिल्म से   सुरवात  करनेवाले  अमिताब  बच्चन  "  इनके  सुरवात  के फिल्म  बॉक्स  ऑफिस  पर ही   जोरो से  गिर गयी ,   उसके' बाद  कम  से  कम  ४ साल  कड़ी  मेहनत  के  बाद  १९७३ में उनका  जंजीर  नाम की' फिल्म  आई  जिस  में उन्होंने' ऐंग्री  यंग म्यान  की किरदार  निभाया  था  और उस   फिल्म  से  उन्होंने  कामयाबी  का  पहेला  कदम  बढ़ाया  ,,उसके  बाद  कई  फिल्म  आये  और  बेहतरीन  काम  और लगाम  से उन्हें  कामयाबी  मिल  ती  गयी

कामयाबी  लोगो के' जीवन  में  चढ़ -उतार  , हार - जीत  होती ही रेहति  हे ,,इसका  कारण  ये ही  की वो   सब  हर  वक्त  कोशिश  करते  रेह्ते  हे ,, जिंदगी  में  हर  वक्त  नया  अनुभव  लेते  हे , जिंदगी  के  सफर  में एक  वक्त   ऐसा  भी आया  था  की  अमिताब  को  कोई  भी सफलता  नहीं मिल रही थी  ,, उन्हें  बड़ा  पर्दा  साथ  नहीं  दे  रहा  था ,,फिर भी उन्होंने  हार  नहीं  मानकर  टीवी  शो " कोण बनेगा  करोड़  पति  " इस   कार्यक्रम  से  लोगो  की दिल और प्यार  पाने  में सफल  रहे  और फिर से  वो  कामयाब  बनते  गए ,,

कर्म से  कर्म  करनेवाले  इस  आदमी  को आज  छोटे  और बड़े  दोनों  पर्दो पर  राज  किया हे  और चलता  आ रहा हे ,आज   फिल्म इंडिस्ट्री   में सबसे  ज्यादा  मान  लेनेवाले  कलाकार  अमिताब बच्चन  हे  ,,जो एशिया  खंड  से  पहले  कलाकार  हे जिनका  मेन  का  पुतला  अमिरेका  में  प्रदर्शन  में लगाया  गया  हे :







 मराठी  आदमी  को अभिमान  लगे ऐसे ये  सीधा -साधा  आदमी  याने  " नाना  पाटेकर "  जिनका  असली  नाम  विश्वनाथ  पाटेकर  हे।   उनका  १९५१  में मुंबई  में  जन्म  हुआ  हे।  सिर्फ  १३ साल  के  रहते  उन्हें  अपने  गरीबी  और कठिनाई  को ज़ुन्ज़  देकर  काम  करने  जाना  पड़ता  था ,, फिल्मो  के  बनेर  कलर  करने  का काम उस  वक्त  नाना  करते  थे   सिर्फ़े  ३५ रु  पगार  और एक  वक्त  का  खाना  ऐसी  कठिनाई  परिस्तिथि  होकर  भी वक्त  से  लड़कर  उन्होंने  मराठी  फिल्म  इंड्रस्ट्री  में  अपनी  बाजु  रख  दी  , अपनी  मेहनत  और  ईमादार  से  उन्होंने' हिंदी  इंड्रस्ट्री   अपना  सिक्का  उड़ाया  ,और इसी  तरह  उन्हें  राष्ट्रपुरस्कार  भी  मिला  , और आज  नाना  के पास  मान _ सन्मान  , प्रसिद्धि  - पैसा  -गाड़ी  -ये सब  हे ,पोस्टर  कलर  करने  वाले  नाना  के पोस्टर  फिल्म  डायरेक्टर  को निकलने  पड़े ,, इतना  सब  होकर  भी  नाना  ने  कभी  भी  अपना   साधापना ( simplety)   नहीं  छोड़ा


दोस्तों  आगर  हमने भी  कोशिश  की  तो  हम  भी इनमे  से  एक  हो सकते  हे  ,, और एक बाथ  याद  रखो  तुम  गरीब   घरोमे  पैदा  हुए  उसमे  तुम्हारी  कोई  गलती  नहीं  हे  " पर तुम  मरोगे  भी  गरीब  घर  में  उसमे  तुम्हारी  ही गलती हे  


Thank You 





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Wednesday, 3 June 2015

हल्दी राम ने किये बड़े काम !!!!







 हल्दी  राम  अग्रवाल   इनके   राजस्तान  में  "बीकानेर" यहाँ मिठाई और फरसन  का छोटासा  दुकान  था। इनका   व्यापर  ५० सालो  से  चालू हे १९८२  उन्होंने  " हल्दीराम " इस  नाम से फरसान  और मिठाई  बाजार  में  ले  आये और गए १०-१२ सालो में  इनकी मिठाई  और फरसान  दुनिया में पॉप्युलर  हो गयी और आज के ज़माने में उन्हें  " इंडियन  फ़ूड"   किंग कहा जाता हे। 

 तत्व :- बीकानेर  जैसे छोटेसे  गाव  से शुरवात  कर  के ,, अगर मोहनलाल  दुनियाभर  अपने  कामयाबी  के  तीर  मार सकते   हे तो ,,, तो तुम भी खुद  को किसीसे  कम मत  समजो ,,,,, काम करते रहो दाम  मिलते  रहेगा  

सिर्फ़े  मेहनत  ही इस  सच्ची  कहानिकी  तत्व  हे। 




 
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