२८ सप्टेम्बर १९२९ इंदौर में मास्टर दीनानाथ मंगेशकर को पुत्री का लाभ हुआ , साल के १३ में ही उनके पिताजी की निधन हुयी ! उनके जाने के बाद घर की सारी जिमेदारी लता दीदी पर आ गिरी ,
शुरआती युग में लता दीदी ने चित्रपटोंसे छोटे -छोटे भूमिका करने शुरू की , आगे जाकर उन्होंने संगीत को अपना या
साल के चौथे उम्र से अपने पिताजी से संगीतो की शिक्षा लेने वाली लता दीदी की जीवन बढ़ी कठिन थी !
१९४९ साल के २० में लता दीदी को कामयाबी मिल ने शुरू हुयी ,भारत रत्न , गणकोकिला , दादासाहेब फालके , ऐसे कही पुरस्कार रो से सन्मानित होते - होते लता दीदी ने हजारो गाने गाये
आज लता दीदी ने साल के ८५ पार कर ली फिर भी चित्रपटों में उनके गाने आज भी गाये जाते हे
जिस तरह कोई नयी गायिका अपने संगीत से लोगो का दिल जीत लेती हे ! उसी तरह लता दीदी साल के ८५ के बाद भी लोगो के दिल पर राज करती हे
संगीत के क्षेत्र में उत्कृस्ट संगीत कर के कामयभी की शिखरों पर चलने के लिए लता दीदी ने शादी तक नहीं की
ऐसे हमारे लता दीदी ने अपने जीवन के हर कठिनायनी पर काबू करते -करते जीवन के उन मुकाम तक चल गए जहा सिर्फ़े सितारे ही दिखाई देते हे !
दोस्तों इस से हमें ये सिख मिलती हे की सबके जीवन में बुरे वक्त आते हे ! पर हम कोशिश करे तो वो वक्त भी निकल जायेगा पर हम कोशिश करे तो
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